snip.
← Back to Home ID: 34811
jahanpatle001.bsky.social @jahanpatle001.bsky.social
Jul 9, 07:50 AM

sdicji

🎤 Whisper Transcript (hi) ⏱ 51s

"कल तुज्को देखा था, मैंने अपने आंगन में जैसे कह रही थी तुम्मुझे बाद हो पंधन में ये कैसा देश्टा है, ये कैसे सब्ने हैं बेकाने होकर भी, क्यों लगते अपने हैं मैं सोच में रहता हूं, डर डर के कहता हूं पल पल दिल के पाथी हों"

💬 Discussion

jahanpatle001.bsky.social @jahanpatle001.bsky.social · Jul 7, 05:09 PM

sdicji